नौ वर्ष का धनी साबरमति आश्रम में रहता है। उसने हठ पकड़ ली है कि वह महात्मा गाँधी के साथ दाँडी यात्रा पर जायेगा। अंग्रेजों द्वारा लगाये गये नमक कर का विरोध करेगा। दाँडी यात्रा कि ७५ वीं जयन्ती पर लिखी गयी एक दिलचस्प कहानी!
रज़ा के अब्बा, रहमत खान, मुग़ल बादशाह अकबर के शाही दर्ज़ी हैं। रज़ा अब्बा के साथ बादशाह के नये कपड़े पहुँचाने महल गया। तब उसे पता चला कि बादशाह कपड़ों के मामले में ज़रा नखरैले हैं... मुग़ल काल के भारत में, रज़ा की होशियारी की प्यारी सी कहानी!
अपने गाँव से चिकनकारी के कुछ नए टाँके सीखने, मुमताज़ लखनऊ आती है- वहाँ की मशहूर कढ़ाई के अलावा, वह और कितना कुछ सीख जाती है। सब अपने दोस्त मुन्नु की बदौलत! जौली रोहतगी की इस मर्मस्पर्शी कहानी को राम सोनी ने साँझी शैली में बनाए चित्रों से सजाया है।
हमारी क्लास में एक नयी लड़की आई है, और टीचर ने मुझसे कहा है कि मैं उसके साथ दोस्ती करूँ और स्कूल को जानने-समझने में उसकी मदद करूँ। लेकिन ऐसा करने का मेरा मन नहीं करता - वह... वह हम सब जैसी नहीं है न! पेश है, छोटी-छोटी चिट्ठियों के ज़रिए कही गई दोस्ती और माहौल में घुलने-मिलने की एक दिलचस्प कहानी!
आज कल्लू को स्कूल के लिये देर हो गई है। क्या बकरी भाग गई थी या कोई बीमार था? अम्मी कि भाई? कल्लू को ज़रूरत है एक कहानी की...एक बढ़िया... जन्नाटेदार...मानने लायक कहानी की... क्या उसे सही कहानी मिली?
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